Wednesday, 17 June 2015

टैरो कार्ड्स -एक सत्य और एक गूढ़ विद्या

टैरो कार्ड्स प्राचीन प्रतीकों पर आधारित विद्या है.जिसमें गुप्त पत्रों जिन्हें टैरो कार्ड्सकहा जाता है;उनसे जानकारी प्राप्त की जाती है.टैरो कार्ड्स से भविष्य कथन करवाना बहुत शुभ माना जाता है.इसे भी दूसरी विद्याओं की तरह माना जाता है.जैसे ज्योतिष में जन्मतिथि के आधार पर;वास्तु शास्त्र में वास्तु तत्वों के आधार पर;हस्त रेखा में हाथों की लकीरों के आधार पर;नाड़ी विद्या में नब्ज के आधार पर;अंक ज्योतिष में अंकों के आधार पर भविष्य की सटीक जानकारी प्राप्त की जाती है; वैसे ही टैरो में पत्तों के आधार पर भविष्य कथन किया जाता है.जैसे सभी विद्याओं में ज्योतिष की तरह जन्मतिथि नहीं चाहिए होती;वैसे ही टैरो में जन्मतिथि की आवश्यकता नहीं होती.इसका विज्ञान भिन्न तरीके का है.जिसे गूढ़ गुप्त रखा गया है.इसलिए टैरो कार्ड्स को ज्योतिष के साथ सम्बंधित नहीं करना चाहिए और इस विचार में नहीं पड़ना चाहिए ,कि बिना जन्मतिथि के टैरो कैसे सही जवाब देता है.हर विद्या का अपना ढांचा और हर विद्या की पद्धति अलग होती है.इसलिए इस प्रकार की मिथ्या बातों में ना पड़ कर इस पर विश्वास करके अपने भविष्य का आंकलन करवाया जा सकता है.टैरो एक बड़ी विशाल विद्या है.जिसमें जादूई छवियों के माध्यम से बहुत गूढ़ बातों की जानकारी का पता लगाया जा सकता है.इस विचार में भी नहीं पड़ना चाहिए कि एक ही प्रशन पर दो बार अलग अलग कार्ड्स आयेंगे तो क्या वे झूठ होंगे?क्यूंकि इस विद्या में एक प्रशन को उसी समय बार बार देखने का विधान नहीं है.ऐसा किसी भी विद्या में नहीं है.

और यह बात भी मिथ्या है कि अगर एक टैरो रीडर कार्ड्स निकलेगा तो वे कोई और होंगे और किसी और से निकलवाने पर कोई और होंगे.ये बिलकुल गलत मानसिकता है.कार्ड्स भले ही अलग हों वे उस समय के अनुसार आपको सही जानकारी देते हैं.जब आप प्रश्न करते हैं तो कार्ड्स आपको भविष्य या वर्तमान या जो भी आप पूछ रहे हैं;उनका सही ब्यौरा देते हैं.इस बात में शंका नहीं रखनी चाहिए.
और यह बात कि टैरो झूठ है या सच?यह भी विकृत अज्ञानमय मानसिकता है.जो भी कार्ड्स आपके लिए प्रकट होते हैं.वे आपको जानकारी देने के लिए ही आते हैं.और उनके झूठ होने का सवाल पैदा नहीं होता.पर यह बात भी मह्त्वनीय है,कि टैरो रीडर आपको क्या बताता है यह उसके ज्ञान पर निर्भर है.कई अधूरी जानकारी के आधार पर भविष्य कथन करने लगते हैं.यह गलत है.क्यूंकि अधूरी जानकारी के आधार पर कथन करना बिलकुल वर्जित माना गया है.कई शौंक के लिए टैरो प्रयोग करते हैं.उनसे भी बचना चाहिए .क्यूंकि केवल दो तीन किताबें पढ़ कर टैरो रीडर नहीं बना जा सकता.इसके लिए वर्षों की घोर तपस्या और अभ्यास चाहिए.बिना अभ्यास के इस विद्या में पारंगत नहीं हुआ जा सकता.
बहुत बार लोग यह सोचते हैं.यह एक खेल है.यह बिलकुल गलत मानसिकता है.टैरो के कार्ड्स बहुत ज्ञान से भरपूर हैं.और उनका महत्व हम भली भांति जानते हैं.कार्ड्स को निकलना विज्ञान के आकर्षण के नियम पर आधारित है.जिसे अंग्रेजी में “LAW OF ATTRACTION” कहा जाता है.इसकी महत्ता का इसके कथन पर विश्वास करके पता लगाया जा सकता है.यदि हम टैरो के मार्गदर्शन को अपने जीवन में अपनाते हैं तो निश्चय ही बहुत कुछ प्राप्त कर सकते हैं.
वर्षों की तपस्या के पश्चात भारत में टैरो रीडर डॉ.हेमंत वशिष्ट जी की टैरो रीडिंग्स उपलब्ध हुई हैं.उन्होंने बहुत घोर तपस्या के बाद अपनी टैरो रीडिंग्स के द्वार सबके लिए खोल दिए हैं.उनका कथन विदेशों में भी सराहनीय है.और उन्हें 2013 में “KING OF TAROT” के ख़िताब से नवाजा गया है.वह टैरो कार्ड्स के क्षेत्र में अपना प्रशंसनीय और विशेष योगदान दे चुके हैं.उनकी रीडिंग्स को “BRANDED QUALITY OF TAROT READINGS”का तमगा प्राप्त है.वह और भी क्षेत्रों में अपना योगदान दे रहे हैं.सबसे अच्छी बात यह है ,कि उनकी रीडिंग्स बहुत अच्छे दामों में उपलब्ध हैं.जिसे आम आदमी भी ले सकता है.और बिना किसी धोखे के और बिना किसी मिलावट के सारी रीडिंग्स बहुत सत्य पर आधारित होती हैं.उन्हें “UPAY SPECIALIST” का ख़िताब भी प्राप्त है.उनके अचूक उपायों तथा जानकारी से से कई लोगों ने लाभ उठाया है.आप नीचे दिए गए वेबसाइटों में सभी लोगों के विचार भी देख सकते हैं जिन्होंने उनके टैरो कार्ड्स रीडिंग्स से लाभ उठाया है.
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